IIT (Indian Institute of Technology) क्या है ? – IIT की पूरी जानकारी हिंदी में

IIT

आप सभी लोगो को पता होगा की आज के समय जो वैल्यू इंजीनियर्स को होती है वह शायद ही किसी की होती है। अगर आप एक सफल इंजीनियर बन जाते हो तो आपको पूरी ज़िन्दगी मान और सम्मान के साथ और एक अच्छी सुविधाओ के साथ गुजारने का मौका मिल जाता है। लेकिन एक सफल इंजीनियर बनना कोई आम बात नही है। इसके लिए आपको IIT(भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में दाखिले के लिए भरपुर मेहनत करनी होती है।

Engineering करने के लिए आपको पढाई पर पूरा फोकस रखना होता है। इसके लिए आपको एक बेस्ट कॉलेज की भी जरूरत होती है। अब अगर भारत में इंजीनियरिंग के लिए सबसे बेस्ट कॉलेजेस की बात की जाए तो IIT(भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) का नाम सबसे पहले आता है। IIT(भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) का नाम आप सभी ने सुना होगा लेकिन आपमें से बहुत ही कम लोग इसके बारे में सही से जानते होंगें। तो आज मैं आपको इस पोस्ट में बताऊंगा की IIT(भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) क्या है? भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के क्या फायदे है? भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में जाने के लिए क्या करे? IIT के पेपर की तैयारी कैसे करे? और भी काफी कुछ! तो चलिए शुरू करते है।
 
 

◆ IIT क्या है? What is IIT (Explained in Hindi)

इंजीनियरिंग अब एक बहुत बड़ा फिल्ड बन चूका है जिसमे हर साल लाखो लोग कदम रखते है। इसके लिए भारत में कई सारे सरकारी और Private कॉलेज मौजूद हैं। इस लिस्ट में सबसे योग्य और आगे है भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जिसमे एडमिशन लेना हर किसी इंजीनियर बनने की सोचने वाले की इच्छा होती है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान एक प्रकार से एक कॉलेज या फिर कहो तो एक बेहतरीन इंस्टिट्यूट ही है जिसमे आप B.Tech और B.Arch कर सकते हो। अगर एक साममी प्राइवेट कॉलेज और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में फर्क है तो वह केवल Level का है। जो गुणवत्ता भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में होती है वह शायद ही भारत के किसी अन्य इंस्टिट्यूट में होती होगी।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पूरी तरह से भारत पर बेस्ड है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कॉलेजेस को Institute of Technology Act के चलते बनाया गया था जिसमे इन Institutes को Institutions of National Importance भी डिक्लेयर कर दिया। यानि की यह गवर्मेंट पर बेस्ड है। इन कॉलेजेस का लेवल बहुत ही उच्च है और यह भारत में केवल गिने चुने ही है।

अब सीधे से शब्दों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान क्या है का जवाब दिया जाये तो ‘यह ऐसे इंस्टिट्यूट है जो इंजीनियरिंग के लिए भारत में सर्वश्रेष्ठ है और गवर्मेंट के द्वारा शाषित किये गए है’। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में एडमिशन लेना कोई आम बात नहीं है क्योंकि इसके लिए हने परीक्षा देनी पड़ती है जिसके बारे में कहा जाता है की यह दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा होती है।
 
 

◆ IIT की पूरी जानकारी हिंदी में जो आपको पता होनी चाहिए – Full Information About IIT Who You Need To Know in Hindi

सबसे पहले IIT की फुल फॉर्म की बात करते हो तो इसकी फुल फॉर्म ‘Indian Institutes of Technology’ है जिसे हिंदी में कहा जाये (IIT की हिंदी फुल फॉर्म) तो वह ‘भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान’ है। इसके नाम से ही इसका मतलब साफ होता है की यह केवल Technology से रिलेटेड है और अन्य किसी भी तरह की पढाई से सम्बंधित नही है।

1961 के एक्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एक्ट के जरिये IIT(भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) संस्थानों को बनाया गया था जिसमे 2016 के आखिरी ( अब तक ) संशोधन के कुल 23 इंस्टिट्यूट है और यह भारत के अलग अलग भागी में मौजूद है।

भारत का पहला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान 1951 में खड़गपुर में स्थापित हुई थी। इसके बाद जल्द ही बाद में बॉम्बे (1958), मद्रास (1959), कानपुर (1959) और दिल्ली (1963) में भी इसे स्थापित किया गया। इसके बाद एक लम्बे गेप के बाद 1994 में गुवाहाटी में एक IIT इंस्टिट्यूट स्थापित किया गया था।

रुड़की विश्वविद्यालय को 2001 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में चेंज हो गया था। 2008 से 2009 के बिच में गांधीनगर, जोधपुर, हैदराबाद, इंदौर, पटना, भुवनेश्वर, रोपर और मंडी में भी आठ नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित किए गए थे।

लगभग उसी समय एक Technology Institute, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को IIT का दर्जा दिया गया था। साल 2015 से 16 के बिच में तिरुपति, पलक्कड़, धारवाड़, भिलाई, गोवा और जम्मू में एक और 6 और IIT इंस्टिट्यूट स्थापित किए गए थे। इसके साथ ही लगभग इसी समय ISM (धनबाद) को भी एक IIT इंस्टिट्यूट में चेंज कर दिया गया।

IIT भारत के सर्वश्रेष्ठ कॉलेज है जहा से बड़ी बड़ी कम्पनिया अपने लिए इंजीनियर्स ढूंढती है। कहा जाता है की जो व्यक्ति एक बार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में चला जाता है समाज लो उसका जीवन अब सफल हो जाता है और उसे आराम से नौकरी मिल जाती है।
 
 

◆ IIT में जाने के फायदे – Advantages of IIT (Explained in Hindi)

एक शानदार ट्रेनिंग : IIT को भारत का सर्वश्रेष्ठ इंस्टिट्यूट ऐसे ही नहीं कहा जाताम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में एक बार एडमिशन लेने के बाद आपको काफी अच्छे तरीके से ट्रेन किया जाता है। IIT में आपको काफी अच्छे तरीके से आपके फिल्ड का काम करना सिखाया जाता है ताकि अगर आप आगे जाकर किसी कंपनी में काम करो तो आप उसको बेहतरीन तरीके से करो और देश को उन्नत अवस्था में ले जाने में सहयोग दो।

जॉब लगने के ज्यादा चांसेज : IIT में एडमिशन लेने के लिए हर साल लाखो लोग फॉर्म भरते है लेकिन हर कोई इसमें सिलेक्ट नहीं हो पाता। इसमें हर कोई इसलिए ही जाना चाहता है क्योंकि इ बार IIT में एडमिशन हो जाता है तो करियर की चिंता कम हो जाती है क्योंकि IIT में रहने के बाद आपको जॉब आसानी से मिल जाती है बल्कि खुद कंपनिया आपके पास आकर आपको ऑफर करती है।

सम्मान मिलता है : IIT में एडमिशन लेना कोई आसान बात नहीं है। IIT में यदि आपका सिलेक्शन हो जाता है तो आपको हर जगह सम्मान मिलता है। IIT में रहने वाले स्टूडेंट्स की सब जगह कदर की जाती है और उन्हें वैल्यू दी जाती है। आपको जॉब भी एक हाई स्टैंडर्ड वाली ही मिलेगी अगर आप IIT से ट्रेंड हो तो। इसलिए IIT में रहना मतलब एक रेस्पेक्ट वाली ज़िन्दगी पाना भी है।

बेस्ट प्लेसमेंट ; अगर आप भारत में रहते हो और इंजीनियरिंग के फिल्ड में जाना चाहते हो तो आपके लोए सबसे बेस्ट जगह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ही होगी। अगर आप IIT में लग जाते हो तो आपको और कही के मुकाबले बेस्ट प्लेसमेंट मिलेगी। इसका एक उदाहरण मैं आपको देता हु तो Google के वर्तमान CEO ‘सुंदर पिचाई’ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर के स्टूडेंट थे और 2016 में उनकी इनकम लगभग 199.7 मिलियन डॉलर्स थी जिसको रूपये में देखे तो 1,392 करोड़ रुपये है। अब आप समाज गए होंगे की भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की वैल्यू कितनी है।
 
 

◆ IIT में जाने के लिए क्या करे – What We Have to Do For IIT (Explained in Hindi)

IIT(भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में जाने के लिए जरूरी है की आपके पास 12th में सब्जेक्ट्स में Physics, Chemistry और Maths होनी चाहिए। जब भी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(IIT) का पेपर होता है तो इन तीनो विषयो के ही प्रश्न उस पेपर में होते है। अगर आप भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में जाना चाहते हो तो कम से कम आपकी परसेंटेज 60% तो होनी चाहिए लेकिन कई जगह ज्यादा % का होना अनिवार्य है जैसे की 80%।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में एडमिशन लेने के लियर जरूरी है की आप 12th में पास होने चाहिये क्योंकि उसके बाद ही आप भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का एग्जाम दे सकते हो। बता दे की भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की एग्जाम 2 लेवल पर ली जाती है एक तो Main Exam और दूसरी Advance Exam। आपको सबसे पहले Main Exam के लिए Apply करके उसमे पास होना होगा और उसके बाद ही आप दूसरी यानि की Advance Exam दे पाएंगे।

अगर आप इन दोनों में पास हो जायेंगे तो आप भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के योग्य हो जायेंगे लेकिन आपको बता दू की भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का पेपर बेहद ही हार्ड होता है जिसमे सिलेक्ट होना थोडा मुश्किल होता है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए जगह जगह कोचिंग क्लासेज लगती है और आप उनका सहारा लेकर अच्छे तरीके से इसकी तैयारी कर सकते हो। आपका मुख्य फॉक्स केमेस्ट्री, फिजिक्स और मैथ्स पर ही होना चाहिए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए खूब तयारी करनी पड़ेगी और उसके लिए आपको रेगुलर भी पढ़ना पड़ेगा।

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